नौकर बलदेव का काला लंड


मैं घर से निकलने का ढोंग कर के पिछले दरवाजे से वापस घर में घुसा. मेन हॉल में बैठी मेरी छोटी बहन सुमन को पता नहीं था की मैं पीछे से चोरो की तरह घर में घुसा था. आज मैं सुमन को रंगेहाथो पकड़ना चाहता था. मुझे पिछले एक हफ्ते से हमारे घर के नौकर बलदेव पर शक था की वो मेरी १९ साल की बहन के साथ सबंध रख रहा हैं.

मेरी बहन सुमन अभी कोलेज में हैं और मैं हमारे घरेलु सिरेमिक का बिजनेश देखता हूँ. मेरे पापा और मम्मी की डेथ हुए डेढ़ साल हो गया हैं. वो दोनों की एक रोड एक्सीडेंट में मौत के बाद मैं ही सुमन की देखभाल करता हूँ. और उसकी देखभाल में कमी ना आये इसलिए उसकी शादी के बाद ही मैंने अपनी शादी का फैसला किया हैं. लेकिन एक अरसे से मुझे लग रहा हैं की सुमन बलदेव के साथ सेक्स कर रही हैं और मैं आजतक उसे पकड नहीं पाया था. लेकिन आज मैंने घर मे ही छिप के उन्हें पकड़ने का फैसला किया था.

मैं बाथरूम के पास स्टोररूम में जाने के रस्ते में छिप गया जहाँ अभी कोई आने वाला नहीं था.

तभी मैंने देखा की बलदेव किचन से बहार आया. सुमन हॉल में ही बैठी अखबार पढ़ रही थी.

बलदेव ने हॉल में घुसते हुए पूछा, साहब गए क्या मेमसाब?

हां तेरे साहब गए इसलिए अब मेमसाब मेमसाब बंध कर दे.

यह सुन के दोनों ही ठठ्ठा लगा के हंस पड़े. सुमन ने अखबार फेंका और वो उठ के बलदेव के पास आई. बलदेव ने अपने हाथ में रखा हुआ गमछा सोफे पर फेंका और सुमन को अपनी बाहों में भर लिया. कसम से ऐसा लगा की दिल में किसी ने खंजर चिभा दिया हो. मैं अपनी इस बहन के लिए अच्छे रिश्तो में से भी सब से अच्छे रिश्ते को छांटने की कोशिश में था और वो नौकर के साथ लगी हुई थी. मन तो किया की निकल के दोनों की गांड में चाक़ू घुसेड दूँ लेकिन फिर मैंने सोचा की चलो देखता हूँ किस हद तक जाते हैं यह दोनों.

बलदेव की बाँहों में जाते ही सुमन ने अपने होंठो से उसके गालो को चूमना चालू कर दिया. मुझे कितनी ग्लानी हुई वो मैं शब्दों में नहीं बता सकता.

बलदेव ने सुमन के बूब्स दबाते हुए कहा, रवि के सामने तो बड़ी शरीफ बनती हो और उसके जाते ही वापस मुझे ढूंढने लगती हो तुम.

सुमन ने बलदेव के लंड को उसके पेंट में ही दबाते हुए कहा, अरे वो मेरा भाई हैं और मेरी देखभाल करता हैं मुझे इतनी तो सीमा रखनी पड़ेंगी ना.

मुझे सुन के अच्छा लगा की वो मेरी कदर तो करती थी लेकिन फिर भी नौकर की बाँहों में और उसके लंड से खेल रही बहन किस को अच्छी लगेंगी.

लेकिन उसके बाद जो हुआ वो तो अब तक जो हुआ उस से भी बुरा था!

बलदेव ने सुमन को  साइड में हटा के अपना लंड बहार निकाला. बाप रे उसका लंड तो एकदम काला और मोटा था. उसके सुपाडा नाग की तरह था जो खड़े हुए लंड की वजह से फुल के किसी गिरगिट की माफक अपनी गरदन को ऊपर किये हुए था. बलदेव के लंड को सुमन ने अपने हाथ में लिया और उसे मुठ्ठी में दबाने लगी. बलदेव ने सुमन की छाती पर दोनों हाथ रख दिए और वो मेरी जवान बहन की छोटी छोटी चुन्चियों से खेलने लगा. मैं खड़े खड़े अपनी बहन का संगम देख रहा था. बलदेव ने अब सुमन के होंठो पर अपने होंठो को लगा दिया और किस करने लगी.

बलदेव ने उसके होंठो को अपने होंठो से लगा के रखा था और वो एक हाथ से अभी भी उसके लौड़े का मसाज कर रही थी. और वो काला लंड तो आकर में बढ़ता ही जा रहा था. मैंने सोचा की बहार निकल के दोनों को झाड दूँ, लेकिन तभी मुझे सुमन के वो वाक्य याद आ गए.

अब मैं नहीं चाहता था की मैं उसे अपने सामने बगावत करने पर मजबूर कर दूँ, वो मेरे से डर रही थी और मैं उसे ऐसे ही रखना चाहता था. मैं नहीं चाहता था की वो मेरे हाथो सेक्स करते पकड़ी जाएँ और फिर उसे मेरा कोई डर ही ना रहे. आप मेरी मनोस्थिति समझ सकते हो दोस्तों, मेरी मज़बूरी जिसने मुझे बहन का सेक्स दिखाया.

बलदेव ने अब अपने लंड को हाथ में पकड़ा और बोला, तुम्हारें मुह को ढूँढ रहा हैं ये तो!

सुमन ने अपने हाथ से बलदेव को छाती पर मस्ती से मारा और वो अपने घुटनों के ऊपर बैठ गई. बलदेव उसके करीब आया और सुमन ने अपना मुह खोला. बलदेव ने फट से अपना लंड सुमन के मुह में धर दिया. मेरे आश्चर्य के बिच मेरी बहन  उस काले लंड को चूसने लगी. वही मुह जिसे मैं चोकलेट खिलाता था अभी वो एक काला मोटा लंड चूस रहा था. सुमन ने बलदेव के टट्टे पकडे हुए थे और वो लंड को जोर जोर से अपने मुह में चला रही थी. बलदेव ने सुमन ने बालों को पकड़ा हुआ था और वो उसके मुह में लंड से झटके दे रहा था. कसम से शर्मिंदा करने वाला द्रश्य था. अब मेरी मुश्किल यह थी की वो लोग मेरी साइड में खड़े हुए ही सेक्स कर रहे थे. जब मैं यहाँ छीपा तो सुमन की पीठ मेरी और थी और अब उसका मुहं. साला मैं तो यहाँ से सर छिपा के भाग भी नहीं सकता था.

बलदेव के के काले लंड को २ मिनिट और चूसने के बाद सुमन ने उसे अपने मुह से निकाला. लंड के ऊपर ढेर सारा थूंक लगा हुआ था. बलदेव ने सुमन को खड़ा किया और दोनों वापस किस करने लगे.

अब सुमन सोफे में लेट गई और उसने अपनी स्कर्ट को खिंचा, अन्दर उसकी काली पेंटी थी जिसे बलदेव अपने हाथ से खींचने लगा. सुमन की छोटी सी चूत देख के बलदेव ने अपने लंड को थोडा मर्दन किया. सुमन ने बलदेव के लंड को अपने हाथ में पकड़ा और बोली, आज तुम मेरी नहीं चाटोगे डार्लिंग?

नहीं आज मूड नहीं हैं!

दोनों हंस पड़े क्यूंकि शायद बलदेव ने मजाक में वो कहा था.

और वो सच में सुमन की चूत में अपना मुह लगा के उसे जोर जोर से चाटने लगा. सुमन आह आह ओह ओह कर रही थी और बलदेव के बालों को नोंच रही थी. बलदेव ने अब अपनी एक ऊँगली सुमन की चूत में डाली और उसे अन्दर बहार करने लगा. सुमन की सिसकियाँ मेरे कानो में टकरा रही थी.

बलदेव ने अब अपनी ऊँगली चूत से निकाल के सुमन के मुहं में डाली. सुमन ने अपनी ही चूत का स्वाद चखा उस ऊँगली को चाट के.

अब बलदेव का लंड चूत लेने के लिए फड़क रहा था. उसने सुमन की टांगो को खोला और अपना सुपाडा चूत पर रख दिया. उसका लंड मोटा था इसलिए चूत में जाने में कष्ट होना ही था. सुमन ने अपने हाथ से लंड को पकड के उसे चूत पर सही सेट किया. बलदेव ने एक झटके में आधा लंड अन्दर कर दिया.

मुझे तो लगा था की सुमन रो पड़ेंगी लेकिन उसके चहरे पर सिर्फ हल्का सा दुःख का भाव आया और उसने लंड चूत में सही तरह से ले लिया. इसका मतलब सुमन लंडखोर थी और उसके लिए लोडा चूत में लेना कुछ नया नहीं था. बलदेव निचे झुका और सुमन के बूब्स चूसने लगा.. फिर अपनी कमर को एक झटका और दे के उसने लंड पूरा अन्दर कर दिया. सुमन ने अपने हाथ बलदेव की कमर की और लपेटें और उसे अपनी करीब खींचने लगी. बलदेव जोर जोर से अपने लौड़े को चूत में अन्दर बहार धकेलने लगा. सुमन भी अपनी कमर को हिला के बलदेव का साथ दे रही थी.

कुछ देर तक ऐसे ही चुदाई करने के बाद बलदेव ने सुमन को घोड़ी बना दिया. सुमन ने सोफे की कमर को पकड़ा हुआ था और बलदेव ने पीछे से अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया. सुमन आह आह ओह ओह करती गई और बलदेव अपना लंड जोर जोर से उसकी चूत में धकेलता गया.

१० मिनिट्स की पूरी मस्त चुदाई के बाद बलदेव ने लंड जब बहार निकाला तो उसके अन्दर से फव्वारा निकल के सुमन की कमर पर गिरने लगा. कम से कम १०-१५ एम्एल वीर्य निकल के सुमन के ऊपर आ गिरा था. सुमन ने पलट के बलदेव के लंड को अपनी जबान से चाट के साफ़ कर दिया. बलदेव ने सुमन को खड़ा कर के उसे किस दी और फिर दोनों अपने कपडे पहनने लगे. बलदेव ने कपडे पहनते पहनते भी कई बार सुमन के बदन को छुआ. और एक भाई छिप के बहन की चुदाई देखता रहा.

मैंने मनोमन सोच लिया था की बलदेव के चुंगल से सुमन को कुछ भी कर के छुड़ाना हैं और अब अगले महीने बलदेव को काम से निकाल के किसी कामवाली को उसकी जगह रखना हैं!

error:

Online porn video at mobile phone


bete ne gand mararishto me chudaiaunty chudai hindi storydesi aunty ki chudai kahanikàmuktakahani of chutmami ki gandschool ki madam ki chudaihindi sexy desi kahaniyachoot phat gayididi ki choot maaribahan ki chut kahanihindi sexy story in hindi fontchalti gadi me chudaichut chodne ka9 saal ki behan ki chudaiaunty ki chut ki kahanibhai behan ki chudai kahani hindi mejawan saas ki chudaiwww sex stores comwww indian hindi sex stories comricha ki chudaigaon ki chudaimaa ki choot storyantravasna hindi combest chut storysage bhai se chudaidoodh pilayamama mami ki chudaisafar me chudaibudhe ki chudaimeri bhabhi ki chootchachi ke chodapadosan ki gand mariindian bhabhi sex story in hindisali ko nanga karke chodaaunty ki chudai hot storynayi bahu ki chudaichudai risto medesi dex storiessex story hindi with photosexy kahaniysexy bhabhi ki chudai storychudai ki gandbhai behan ka romancechudai dastancall girl chudai kahanibehan ki chudai ki kahani hindi mechut ki khujalichudai gharelubhai bahen ki chudai storisexy stoyrivery sexy kahanikahani bur chudai kidost ki patni ko chodadisi kahaniporn kahaniyachachi k sathchalti gadi me chudaichachi bhatija sex storychudai ki long storynew aunty ki chudaibahan ki chootbhai ki malishpahli suhagratwww antervasna comhindu ladki ko chodasex story bhabhi hindiraat ko chudai kilund choot kahanichut chodne ki kahanididi aur maa ko chodasamuhik chudaisex novel in hindibehan ki gandbehan ki kuwari chutsexy mami ki chudaiantarvatsnaantrvasna hindi khaniyachachi ka pyarbhabhi ki chut aur gandhot desi hindi storymom ki chootbhai ne behan ki chudaichodne ka storysexy kaamwalidesi hindi storyghar me chuthandi sexy storybahan ki chudai desi kahanireal hindi hot stories